Monday, September 21, 2009

किस उद्देश्य से पहुंचाया जा रहा विस्फोटक नेपाल


एक ओर पड़ोसी देश चीन भारत के सीमाओं पर बार-बार छिछोरापन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के सीमांत जनपदों से लगातार विस्फोटक पदार्थ नेपाल पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद यहां की सुरक्षा एजेंसियों को हवा तक नहीं लग पा रही है। अब तक नेपाली मूल के कई लोग भारत नेपाल सीमा पर विस्फोटक पदार्थो के साथ पकड़े गए हैं। इनमें कई नेपालियों को पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर गिरफ्तार किया। भारत से नेपाल किस प्रकार और क्यों यह सामग्री सप्लाई हो रही है। फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यही नहीं नेपाली मूल के लोग यह विस्फोटक सामग्री यहां से कैसे प्रान्त कर रहे हैं? इसका भी किसी के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से भारत नेपाल सीमा पर में बहराइच, बनबसा समेत कई स्थानों पर विस्फोटक सामग्री पकड़े जाने के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। पिछले कुछ समय में विस्फोटक सामग्री के मामलों पर नजर डालें तो सीमांत जनपद चमोली में गत 4 नवंबर 2008 को सिमली से पुलिस ने एक नेपाली मूल के व्यक्ति से एक देशी तमंचा, 8 जिंदा कारतूस व एक हैंडग्रिनेड समेत गिरफ्तार किया था। इसके बाद भारत नेपाल सीमा पर बीती सात मई को बहराइच में पुलिस ने एक माओवादी मान बहादुर को पकड़ा। इससे पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि बीपुरम में सडक़ निर्माण कार्य चल रहा है, वह वहीं से विस्फोटक लेकर नेपाल जा रहा था। पुलिस ने लोनिवि टिहरी से जब उक्त निर्माण के बारे में पूछा तो बताया गया था कि उक्त स्थान पर ऐसा किसी भी प्रकार का कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे पहले टिहरी में बांध क्षेत्र से भी एक माओवादी को विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था। यही नहीं अभी करीब डेढ़ माह पूर्व 6 अगस्त को टिहरी जिले के घनसाली से एक नेपाली मूल के व्यक्ति से पांच डेटोनेटर, 150 जिलेटिन की छड़ें व अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। इस बीच बीती शुक्रवार को बनबसा में शारदा बैराज चौकी पुलिस ने सीमा पर नेपाली नागरिक को जिलेटिन की आठ छड़े, नान इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर, कोडेक्स विस्फोटक सामग्री समेत गिरफ्तार किया। इससे पूर्व भी ऐसे मामले कई प्रकाश में आ चुके हैं। आशंका जताई जा रही है कि पिछले कुछ समय से पहाड़ में बन रही ताबड़तोड़ जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में विस्फोटक सामग्री का अंधाधुंध प्रयोग किया जा रहा है। पिछले दिनों बनबसा में पकड़े गए नेपाली मूल के नागरिक ने विस्फोटक सामग्री जिले के जोशीमठ क्षेत्र से लाए जाने के मामले में जांच एसएचओ कर्णप्रयाग को सौंपी गई है। यहां पर कंपनियों में काम कर रहे ठेकेदार विस्फोट के लिए जो सामग्री नेपाली नागरिकों को देते हैं उसमें से वह कुछ को बचाकर नेपाल पहुंचा रहे हैं। यह पहला मामला नहीं है जब यहां से विस्फोटक सामग्री सीमा पर पकड़ी गई है। देहरादून के कालसी थाना क्षेत्र$ में तो पूरी जीप ही विस्फोटक से भरी हुयी बरामद हुयी थी। इस तरह से राज्य में लगातार विस्फोटक सामग्री का आवागमन हो रहा है और पुलिस व खुफिया एजेंसियां चुप बैठी हैं।

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