Saturday, January 23, 2010

फिल्मों के नाम पर प्रदेश में लाखों की बंदरबाट

देहरादून। प्रदेश में लाखों रूपए की बंदरबांट इस कदर की जा रही है इसका अंदाजा खुद प्रदेश के मुखिया तक को नहीं हो पा रहा। पिछले काफी समय से विवादों में घिरे एक तथा-कथित पत्रकार जो अपने को दूरदर्शन का अधिकारी बताकर पर्यटन विभाग से १८ लाख रूपए की बनाई जाने वाली फिल्मों को लेकर चर्चाओं में आ गया है। इस बात का आभास खुद प्रदेश के पर्यटन मंत्री तक को नहीं हो पाया और अपने को दूरदर्शन का अधिकारी बताने के नाम पर उक्त व्यक्ति पर्यटन विभाग से बनाई जाने वाली दस फिल्मों को अपने हाथों में ले लिया। कई बार विवादों में घिरे होने के कारण तथा-कथित पत्रकार द्वारा खंडूडी के मुख्यमंत्री काल में भी कई कामों को कराने की एवज में लाखो रूपए की चपत प्रदेश सरकार को लगाई जा चुकी है। वहीं चर्चा यह भी है कि अब कुंभ के नाम पर बनाई जाने वाली फिल्मों में भी उक्त व्यक्ति मुख्यमंत्री के करीब आकर फिल्म बनने की तैयारी कर चुका है। बीते कुछ समय पूर्व उक्त व्यक्ति द्वारा बीजापुर गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री को कुंभ के नाम पर बनाई जाने वाली फिल्मों का प्रजेंटेशन दिया जा चुका है। वहीं यह भी संभावनाएं हैं कि कुंभ के नाम पर उक्त व्यक्ति लाखो रूपए की फिल्में हथिया सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जनपदों में उक्त व्यक्ति के खिलाफ कई ऐसे मामले दर्ज हैं यदि उनकी जांच की जाए तो यह व्यक्ति उत्तराखंड के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। वहीं चर्चाएं यह भी हैं कि कांग्रेस शासनकाल में मुख्यमंत्री तिवारी के बेहद करीब रहकर भी कई ऐसे कामों को उक्त व्यक्ति द्वारा अंजाम दिया गया जिसकी भनक आज तक अधिकारियों तक को नहीं लग पाई। कभी फिल्म तो कभी मोटा टेंडर दिलाने के नाम पर उक्त व्यक्ति बेहद चर्चाओं में रहा है। इतना ही नहीं अधिकारियों तक में अपनी पकड बनाने के लिए उक्त व्यक्ति अब मुख्यमंत्री दरबार का सहारा लेकर सीढयां ऊपर चढने की तैयाारी में जुट गया है लेकिन प्रदेश के आका शायद अभी भी उक्त व्यक्ति की कारगुजारियों से वाकिफ नहीं है। यदि शीघ्र ही प्रदेश के आका ने अपने दरबार में उक्त व्यक्ति की आने जाने की गतिविध्यिां पर रोक नहीं लगाई तो इसके कई घातक परिणाम भी सामने आ सकते हैं।

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