Monday, November 15, 2010

भारत की युवा जनसंख्या उसकी सबसे बड़ी ताकत है। टाटा


देहरादून 15 नवम्बर, 2010 उत्तराखण्ड राज्य की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर सोमवार को ओ.एन.जी.सी. के ए.एम.एन.घोष सभागार में आयोजित राज्य व्याख्यान माला 2010 को सम्बोधित करते हुए प्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन नवल टाटा ने कहा कि भारत की युवा जनसंख्या उसकी सबसे बड़ी ताकत है। आज भारत दक्षिण एशिया सहित पूरे विश्व में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। प्रगति के आधुनिक मानकों पर भारत के लोग दुनिया में किसी से कम नही है। परंतु इन सभी अवसरों के साथ रोजगार एवं शिक्षा के मौके सृजित करना, पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए सतत विकास करना तथा नक्सलवाद तथा आतंकवाद का सामना करना जैसी भारत के समक्ष बड़ी चुनौतियां भी हैं। श्री टाटा आठवें राज्य स्थापना दिवस व्याख्यान में ‘21वीं सदी का भारत: अवसर एवं चुनौतियां’ विषय पर बोल रहे थे। श्री टाटा ने कहा कि मूल्य एवं नैतिकता समाज के सभी क्षेत्रों के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में बनती जा रही है, जहां के लोग कोई काम करने अथवा अपना काम करवाने के लिए गलत तरीके से पैसे का लेन देन करते है। उन्होंने कहा कि देश में उद्योगों के साथ ही किसी भी क्षेत्र में काम करने के लिए एक स्वच्छ माहौल होना चाहिए, जो मेरिट पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की महाशक्ति बन सकता है, लेकिन इसके लिए हम सभी को अपना योगदान देना होगा। अपने संक्षिप्त सम्बोधन के बाद लोगो के प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्री टाटा ने कहा कि सफल व्यवसाय का कोई मूल मंत्र उनके पास नही है, लेकिन ईमानदार मूल्यों का पालन करते हुए कोई भी असफल नही हो सकता। मुंबई में ताज होटल पर हुए आतंकवादी हमलों से जुड़े प्रश्न का जवाब देते हुए श्री टाटा ने कहा कि इन हमलों ने दिखा दिया, कि उस समय प्रशासनिक मशीनरी इसके लिए तैयार नही थी। सुरक्षा बलों की तैनाती में विलम्ब हुआ था और सक्षम कमांडो दस्ता सुबह से पहले नही आ पाया था। एक अन्य प्रश्न के जवाब में श्री टाटा ने कहा कि समस्याओं का पूर्वानुमान करना आवश्यक है। उत्तराखण्ड में औद्योगिक पैकेज समाप्त हो जाने के बाद भी टाटा समूह राज्य में अपने उद्यम का विस्तार करेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि नैनो का निर्माण पंतनगर स्थित कारखाने में जारी रहेगा। एक अन्य प्रश्न के जवाब में श्री टाटा ने कहा कि यहां से वापस जाने के बाद वे अपने उच्चाधिकारियों का एक दल उत्तराखण्ड भेजेंगे, जो यहां निवेश की संभावनाओं पर विचार करेगा। उन्होंने माना कि उत्तराखण्ड में कृषि और औद्यानिकी पर आधारित खेती की बेहतर संभावनाएं है। अपने रिटायरमेंट से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में श्री टाटा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपरिहार्य नही होता और उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनका उत्तराधिकारी भी मूलभूत नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए टाटा समूह और देश के लिए अच्छा काम करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी रिटायरमेंट की पूर्व घोषित योजना में कोई बदलाव नही है। राज्यपाल श्रीमती मार्ग्रेट आल्वा ने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों की जीवनशैली और शिक्षा स्तर देश के किसी भी राज्य की तुलना में कम नही है और यहां के लोगों को भविष्य की चुनौतियों के लिए हर समय तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 9 प्रतिशत से अधिक की विकास दर का लाभ समाज के आखिरी छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना होगा। राज्य के समक्ष व्याप्त चुनौतियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गांवों से पलायन रोकना होगा, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करना होगा और जनता से जुड़ी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। मुख्यमंत्री डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि श्री रतन टाटा प्रगति एवं विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के प्रथम दस वर्षों में उत्तराखण्ड ने अपनी पहचान देश के अग्रणी राज्यों में बनाई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर, प्रति व्यक्ति आय, स्वयं का कर राजस्व अर्जन जैसे मानकों पर उत्तराखण्ड ने तेजी से प्रगति की है। देश-दुनिया के नामी उद्योग घरानों ने उत्तराखण्ड में अपने उद्योग स्थापित किये है। पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश को देश का आदर्श राज्य बनाने के लिए सरकार ने विजन 2020 के अन्तर्गत ठोस पहल शुरू की है। इससे पूर्व प्रदेश के मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने श्री टाटा का स्वागत करते हुए उनके जीवन वृत्त से लोगो को अवगत कराया। सचिव उमाकांत पंवार ने कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापित किया। अपर सचिव दीपम सेठ ने समारोह का संचालन किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एन.डी.तिवारी, प्रदेश सरकार के सिंचाई मंत्री मातबर सिंह कंडारी सहित बड़ी संख्या जनप्रतिनिधिगण, दायित्वधारी, उद्योगपति आदि उपस्थित थे। 09837261570

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