Wednesday, April 7, 2010

२०१२ के मिशन को संगठन और सरकार का मूल मंत्र

देहरादून। भाजपा के अध्विेशन में आडवाणी ने जहां कार्यकर्ताओं में नये उत्साह व ताकत का अहसास भाजपा कार्यकर्ताओं में करा दिया वहीं प्रदेश सरकार की तारीपफ के पुल भी बांध डाले जिससे सरकार को बेहतर संजीवनी मिलने के साथ-साथ उत्साह का नया संचार हो गया है। मिशन २०१२ की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को जहां संविधन के अनुरूप एकजुटता स काम करने की नसीहत दी गई है वहीं २०१२ के चुनाव में विजय पताका फहराने का भी मूल मंत्र दिया गया है। प्रदेशभर के पार्टी कार्यकर्ता इस उत्साह का संचार २०१२ तक करते रहें इसे लेकर भी प्रदेश के जिलाध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ बैठक कर इसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोडी गई है। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल की अधिकारिक प्रदेश अध्यक्ष पर मुहर लग जाने के बाद उनमें भी नये उत्साह का संचार हो गया है। कम बोलने वाले बिशन सिंह चुफाल अध्विेशन के साथ-साथ कार्य समिति में कार्यकर्ताओं को भाजपा की नीतियों के साथ-साथ अपने अब तक के कार्यकाल को लेकर भी नसीहत देते नजर आए। इतना ही नहीं अपने भाषण मेंउन्होंने जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया वहीं कांग्रेस पर भी जमकर राज्य की उपेक्षा किये जाने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्तओं में नये उत्साह का संचार करते हुए २०१२ के मिशन में अभी से जुट जाने के मूल मंत्रा भी दे दिये हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला अवसर था जब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में श्री चुपफाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोध्ति किया हों। इससे पूर्व के प्रदेश अध्यक्ष बच्ची सिंह रावत ने भी जहां पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का संचार करने का प्रयास किया वहीं अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव में विजय पताका पफहराने के मूल मंत्रा भी कार्यकर्ताओं के साथ बांटे। हालांकि लोक सभा चुनाव को लेकर मानसिक रूप से तैयार न होने की बातें भी बचदा ने कार्यकर्ताओं से की कुल मिलाकर आडवाणीी ने जहां प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं व कुंभ को लेकर बेहतर इंतजाम किये जाने का सराहा वहीं सरकार के अब तक के कार्यकाल को बेहतर करार दिया। एक मंच पर जुटे प्रदेश के सभी नेताओं को देखकर कार्यकर्ताओं भी जिस तरह से नये उत्साह का संचार हुआ है उसे लेकर कांग्रेस में खलबली मच गयी है। हमेशा से ही कांग्रेस भाजपा पर गुटबाजी में उलझे होने का आरोप लगाती आई है लेकिन जिस तरह से भाजपा के अधिवेशन में खंडूडी, कोश्यारी, ध्यानी के साथ-साथ प्रदेश भर के पार्टी नेताओं ने एक जुटता का परिचय दिया है उसस कार्यकर्ताओं के उत्साह में नया संचार देखा जा रहा है। यदि २०१२ के चुनाव तक पार्टी कार्यकर्ताओं में इसी तरह का उत्साह बना रहा तो निश्चित रूप से विधनसभा चुनाव में कांग्रेस के गणित को भाजपा बिगाड सकती है। कुल मिलाकर भाजपा की ताकत ने कांग्रेस के दिग्गजों को हिलाकर रख डाला है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल की भी २०१२ के विधनसभा चुनाव को लेकर अग्निपरीक्षा अध्किारिक घोषणा होने के बाद शुरू हो गयी है। भाजपा के अध्विेशन में आडवाणी ने जिस तरह से एकजुटता का परिचय देते हुए कार्य करने की नसीहत कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रदेश के पदाधिकारियों को दी है उसका कितना असर भाजपा कार्यकर्ताओं पर पडता है यह भी देखने लायक होगा।े वहीं गुटबाजी में उलझने के कारण लोकसभा चुनाव की हार को भी लेकर पार्टी कार्यकर्ता ने आत्म मंथन किया है और इस पीडा को भाजपा के निर्वतमान प्रदेश अध्यक्ष बच्ची सिंह रावत कार्यकर्ताओं के बीच बयां भी कर गये हैं। वहीं भगतसिंह कोश्यारी ने पद छोडने की बात जिस तरह से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कही है उसे लेकर भी इन बातों को बेहद गंभीर माना जा रहा है कुल मिलाकर गुटबाजी से उभरने के बाद यह पहला अवसर था जब संगठन और सरकार मिलकर पार्टी कार्यकर्ताओं को २०१२ का मूल मंत्रा दने में कामयाब रहे हैं और भाजपा के शीर्ष नेता आडवाणी की उपस्थिति भी कार्यकर्ताओं में नये उत्साह का संचार कर गई है।

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