Monday, July 29, 2013

हुड्डा की राजनैतिक कब्र खोदने में जुटे वीरेन्द्र सिंह।


उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री की कुर्सी पर षतरंज की चली थी बेतुकी चाल।
हरियाणा। हुड्डा की राजनैतिक कब्र खोदने के लिए उत्तराखण्ड के पूर्व प्रदेष प्रभारी व कांग्रेसी सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कांग्रेस में कुर्सी बिना लाभ के नही मिल पाती कहकर सनसनी फैला दी है। उनके इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति से लेकर दिल्ली तक भूचला आ गया ळै इस भूचाल की जद में उत्तराखण्ड की राजनीति भी गोते खाती हुई नजर आ रही है क्योकि चैधरी वीरेन्द्र सिंह केन्द्रीय रेल मंत्री बनने की लिस्ट में सबसे उपर थे और उनके नाम का एलान लगभग हो चुका था लेकिन एंड टाइम में उनका नाम राजनैतिक विरोधियो द्वारा हटा दिया गया। ऐसी ही घटनाक्रम उत्तराखण्ड में उस वक्त देखने को मिला था जब मुख्यमंत्री के लिए फैसला किया जा रहा था तब भी मुख्यमंत्री का असल दावेदार यषपाल आर्य को माना जा रहा था लेकिन यषपाल को राजनैतिक बिसात पर चारो खाने चित्त कर चैधरी वीरेन्द्र सिंह ने बहुगुणा को मुख्यमंत्री बनवा डाला था। जिसके बाद से मुख्यमंत्री का लगातार विरोध आज तक जारी है लेकिन यषपाल आर्य अभी भी बहुगुणा के सारथी बने हुए ळैं। उत्तराखण्ड के पूर्व प्रदेष प्रभारी चैधरी वीरेन्द्र सिंह का यह बयान कि कांग्रेस में कुर्सी बिना लाभ के नही मिलती कई तरह की षंकाओ को जन्म दे रहा ळै। उनका यह दर्द ऐसे समय में उजागर हुआ ळै जब देष के अंदर 2014 की रणनीति के साथ कांग्रेस मोदी के खौफ से बेचैन नजर आ रही है। आगामी 20 अगस्त को हरियाणा में सोनिया गांधी का रैली के माध्यम से कार्यक्रम निर्धारित है और हरियाणा की राजनीति में हुड्डा व चैघरी के बीच हमेषा से ही 36 का आंकड़ा रहा है और अब अपनी राजनैतिक जमीन को बचाने के लिए चैघरी हरियाणा की रैली में अपनी ताकत का एहसास सोनिया गांधी को कराना चाहते हें और षायद इसी कारण से उन्होने ऐसे समय में उस बयान को हवा दी है जो कांग्रेस के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है। चैघरी की हरियाणा से राजनैतिक जमीन को बंजर करने के लिए हुड्डा ने भी कोई कसर नही छोड़ी थी और तबसे लेकर आज तक हरियाणा की राजनैतिक जमीन पर चैधरी अपनी फसल लहराने में कामयाब नही हो पाए थे लेकिन अब चैधरी उत्तराखण्ड और दिल्ली की सियासत को इलविदा कहकर हरियाणा में अपना राजनैतिक ग्राफ बड़ाने में जुट गए हैं लेकिन उत्तराखण्ड में राजनैतिक बिसात की जिस षतरंज को उन्होने खेला था अब वहीं षतरंज उनकी राजनैतिक जमीन पर खेली जा रही है।

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