Friday, February 17, 2012

भाजपा सरकार के शासनादेशो को पलटती भाजपा सरकार। भाजपा सरकार के शासनादेशो को पलटती भाजपा सरकार।


निशंक कार्यकाल में हुए आदेश को खुंडरी ने पलटा।

लोकायुक्त कार्यालय को दी गई जमीन सतर्कता विभाग को यौंपी।

नारायण परगांई।

देहरादून। सरकार के आदेश को परिवर्तित करने का काम नई सरकार के गठन के बाद होता हुआ तो जरूर देखा होगा लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार अपने ही शासन मे हुए आदेशो को ही पलटती हुई देखी जा रही है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा सरकार के भीतर किस तरह का शीतयुद्व लगातार जारी है। ऐसा नही है कि भाजपा के सभी बड़े नेता एकजुट होकर विकास की बात करते हो जबकि भाजपा हाइकमान कई बार भाजपा के उत्तराखण्ड नेताओ को एकजुट रहते हुए विकास पर ध्यान देने की नसीहत दे चुका है। लेकिन इसके बाद भी भाजपा सरकार हाइकमान के आदेशो पर कोई ध्यान नही दे रही। विधानसभा चुनाव का मतदान निपट जाने के बाद चुनाव परिणाम आने से पहले जिस तरह भाजपा के भीतर भीरतघात किए जाने की बातो को लेकर भाजपा हाइकमान के दरबार में उत्त्राखण्ड के नेताओ ने दस्तक दी वह निश्चित रूप से एक दुसरे को नीचा दिखाने के सिवा और कुछ नही थी। उत्तराखण्ड में 2012 के विधानसभा चुनाव में पूरी भाजपा को दांव पर लगाकर जिस तरह खंडूरी है जरूरी का नारा जनता के बीच प्रस्तुत किया गया इसका क्या परिणाम रहेगा यह तो 6 मार्च को मतगणना के बाद तय हो जाएगा लेकिन इस नारे ने उत्त्राखण्ड की भाजपा को एकजुट करने के बजाए बिखराव की ओर बड़ा दिया। राजनैतिक लड़ाई सभी दलो में लगातार सामने आती रहती है लेकिन यदि मौजूदा सरकार के शासनकाल में ही पुराने आदेशो को पलटने का खेल खेला जाना शुरू हो जाए तो यह सरकार के लिए बेहद सोचनीय विषय बन जाता है। गौरतलब है कि बीती 4 मार्च 2011 को प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. निशंक के शासनकाल में ग्राम लाडपुर क्षेत्र में जिला देहरादून में 0.296 हैक्टेयर भूमि लोकायुक्त कार्यालय हेतु शासनादेश संख्या 554 के माध्यम से दिए जाने का शासनादेश जारी किया गया था और पिछले काफी समय से लोकायुक्त का अपना कार्यालय ना हो पाने के कारण कार्यालय खुल जाने की उम्मीदें जाग गई थी। मौजूदा समय में लोकायुक्त कार्यालय उत्त्राखण्ड में मौजूद तो है लेकिन वहां स्थान का अभाव होने के कारण कुछ समस्याएं जरूर खड़ी है लेकिन 11 सितम्बर के बाद उत्त्राखण्ड में पूर्व सीएम निशंक के शासनकाल में हुए कई आदेशो को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद मौजूदा सीएम खंडूरी ने पलटना शुरू कर दिया और लोकायुक्त कार्यालय की जमीन के शासनादेश को दिनांक 14 फरवरी को पलटते हुए लोकायुक्त कार्यालय के लिए दी गई जमीन सतर्कता विभाग उत्त्राखण्ड को एक हैक्टेयर भूमि देने का आदेश जारी कर दिया गया ऐसा नही है कि उत्त्राखण्ड सरकार पूर्व में किए गए कई अन्य आदेशो को भी ना पलटती हुई दिखी हो ऐसे कई आदेश खंडूरी शासनकाल में पलट दिए गए जिन्हे नही पलटा जाना चाहिए था। इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान भाजपा सरकार के भीतर शीतयुद्व काफी तेज गति से चल रहा है। इस तरह के आरोप कांग्रेस भाजपा पर लगाती हुई नजर आती थी लेकिन मौजूदा खंडूरी सरकार ने जिस तरह आदेशो को पलटना शुरू किया है अब कांग्रेस को इस तरह के आरोप लगाने की जरूरत नही आती हुई देखी जा रही यह काम खुद सत्ता में बैठी खंडूरी सरकार करती हुई नजर आ रही है। ऐसे में पुनः सत्ता वापसी का सब्जबाग देखना कहां तक सफल होगा इसका आंकलन खुद ही किया जा सकता है। एक तरफ भाजपा उत्त्राखण्ड में खुडूरी के नेतृत्व में चुूनाव लड़कर पूरी भाजपा को दांव पर लगा बैठा है वही दूसरी तरफ इस तरह के आदेश भाजपा के भीतर ही कई तरह के विवादो को जन्म भी देते हुए नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर सरकार के बाहर मतभेदो की लड़ाई चलने की बातें जो साबित नही हो पाती थी वह खंडूरी के शासनकाल में इा शासनदेश को पलट देने से साबित हो जाती है कि मौजूदा समय में भी खंडूरी निशंक के कार्यकाल में हुए शासनादेश को पलटने का खेल खेलने में लगे हैं।


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