Thursday, June 10, 2010
सीएम ने घनसाली तहसील में मारा छापा
देहरादून, 10 जून। प्रदेश के मुख्यमंत्राी ने आज घनसाली तहसील में छापा मारकर लापरवाह अध्किारियों के खिलापफ कार्यवाही करने के निर्देश प्रमुख सचिव को देने के साथ-साथ घनसाली के तहसीलदार वीरपाल सिंह रावत व अध्शिस अभियंता शंकर राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही सीएम ने बिजली विभाग के एसडीओ गुरूवर सिंह को हटाने के निर्देश भी दिये हैं। पौड़ी व श्रीनगर के दौरे को लेकर आज प्रातः 11 बजे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्राी डा. रमेश पोखरियाल निशंक का हेलीकाप्टर देहरादून से पौड़ी के लिये रवाना हुआ कि तभी प्रदेश के मुख्यमंत्राी हेलीकाप्टर की लेंडिंग घनसाली हेलीपैड पर करा दी। सीएम के घनयाली हैलीपैड पहुंचने की सूचना जिला प्रशासन को कापफी देर बाद मिली और प्रदेश के मुख्यमंत्राी ने भाजपा कार्यकर्ता की गाड़ी में बैठकर ही तहसील परिसर में अचानक छापा मारा। सीएम के छापा मारे जाने की खबर प्रदेश के खाद्यमंत्राी दिवाकर भट्ट तक को नहीं लग सकी। सीएम दिवाकर भट्ट को हेलीपैड पर छोड़ने के बाद एक कार्यकर्ता की गाड़ी में बैठकर अचानक तहसील परिसर पहुंचे थे जहां उन्होंने छापेमारी की कार्यवाही करते हुए मौके पर मौजूद अध्किारियों पर भी कापफी नाराजगी व्यक्त की। सीएम की सूचना जैसे ही जिला प्रशासन को मिली तो वहां मौजूद अध्किारियों में हडकंप मच गया। जिसके बाद प्रदेश के मुख्यमत्रंाी ने घनसाली स्थित तहसील में छापा मारकर पीडब्लूडी व बिजली विभाग के कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्राी को कई अध्किारी मौके से नदारद मिले। जिस पर उपस्थिति पंजिका में कई अध्किारी ऐसे भी थे जो बिना सूचना के अपने कार्यालय से अनुपस्थित थे। करीब आध्े घंटे तक घनसाली में रूकने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्राी पौड़ी के लिए रवाना हुए। इससे पूर्व भी प्रदेश के मुख्यमंत्राी सचिवालय में छापेमारी की कार्यवाही के बाद अध्किारियों को समय पर काम पूरा किये जाने के साथ-साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दे चुके हैं। और अब तक सीएम की छापेमारी के दौरान कई अध्किारियों को निलंबित किया जा चुका है। लेकिन इसके बाद भी अध्किारी अपने कार्यालयों से बगैर बताए अनुपस्थित चल रहे हैं। जिसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास पर भी पड़ता हुआ देखा जा रहा है। यहां तक कि कई जनपदों से अध्किारियों के सरकारी कार्यालयों से नदारद रहने की कई शिकायतें भी सीएम दरबार में दस्तक दे चुकी हैं। और माना जा रहा है कि आज की गई छापेमारी की कार्यवाही भी इसी आधर पर अंजाम दी गई है। सीएम के छापे से जहां जिला प्रशासन में हडकंप मचा हुआ है, वहीं अध्किारियों में भी सीएम के छापों से खौपफ पैदा हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्राी के साथ खाद्यमंत्राी दिवाकर भट्ट भी मौजूद थे। जबकि घनसाली में कई भाजपा नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्राी का स्वागत भी किया।
तो क्या खुफिया विभाग ने जारी किया था एनओसी?
देहरादून, 10 जून। प्रदेश के हाईजोन माने जाने वाले स्थानों की सुरक्षाा व्यवस्था इतनी ढीली है कि कोई भी आसानी से वहां पहुंचकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। सुरक्षा के नाम पर बरती जा रही लापरवाही किसी बडी वारदात के घटित होने की ओर सापफ इशारा कर रही है। इसका जीता जागता उदाहरण कल रात उस वक्त सामने आया जब भारतीय सैन्य अकादमी के पास कैरी गांव से एक संदिग्ध् विदेशी नागरिक को बिना पासपोर्ट वीजा के गिरफ्रतार किया गया। जनवरी माह से भारतीय सैन्य अकादमी के प्रेमनगर क्षेत्रा में नंदा की चौकी निवासी माध्ुरी क्षेत्राी से शादी करने के बाद रह रहा था। लेकिन खुपिफया विभाग उसे पांच माह से अध्कि समय होने के बाद भी गिरफ्रतार नहीं कर सका। जिसे लेकर विभाग की लापरवाही भी खुलकर उजागर हो गई है। जबकि हमेशा से ही भारतीय सैन्य अकादमी आतंकवादियों के निशाने पर रहती है ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि सत्यापन के नाम पर जिस तरह से लापरवाही बरती जा रही है उससे किसी बड़े खतरे की आशंका को टाला नहीं जा सकता। जबकि इससे पूर्व भी प्रेमनगर क्षेत्रा से कई संदिग्ध् लोगों को गिरफ्रतार किया जा चुका है और पासिंग आउट परेड से ठीक पहले सत्यापन अभियान चलाकर पुलिस बाद में हाथ पर हाथ रख बैठ जाती है और साल में दो बार होने वाली पासिंग आउट परेड के दौरान ही पुलिस का सत्यापन अभियान जोर पकड़ता है। अब तक पुलिस इस क्षेत्रा में रहने वाले कितने लोगों का सत्यापन कर पायी है इसका आंकड़ा भी खुपिफया विभाग के पास मौजूद नहीं। एक तरपफ जहां पुलिस राजधनी की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद किये जाने के दावे कर रही है वहीं दूसरी तरपफ शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यहां तक कि अति संवेदनशील माने जाने वाले रक्षा संस्थानों के साथ-साथ आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आ रही है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्राी डा. निशंक के आवास पर भी लगातार आंदोलनकारी प्रदर्शन करते हुए देखे जा रहे हैं जबकि खुपिफया विभाग उन्हें रोक पाने में भी पूरी तरह नाकामयाब साबित हो रहा है। अब जनपद के पुलिस कप्तान ने मुख्यमंत्राी आवास की तरपफ किसी भी प्रकार के आंदोलन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।यह पफैसला बीते दिवस मुख्यमंत्राी आवास पर पहंुचे आंदोलन कारियों के पहुंचने के बाद मुख्यमंत्राी के कड़े तेवर होने के चलते लिया गया है। कुल मिलाकर शहर की कानून व्यवस्था को लेकर खुपिफया विभाग पूरी तरह सोया हुआ है और विभाग में काम करने वाले कई कर्मचारी गांध्ी पार्क के पास एकत्रा हुए भी देखे जा सकते हैं। और घटनाओं की जानकारी अपने स्तर से लेने के बजाय मीडिया कर्मियों से घटनाओं की जानकारी लेने में भी मशगूल रहते हैं। इस बारे में जब जिम्मेदार पुलिस अध्किारियों से संपर्क करना चाहा तो किसी ने भी पफोन उठाने तक की जहमत नहीं उठाई। जबकि जनपद के एक पुलिस अध्किारी के अनुसार हजारों लोगों के सत्यापन पुलिस कर चुकी है। कुल मिलाकर पुलिस के सत्यापन अभियान की कलई आईएमए के पास पकड़े गए संदिग्ध् युवक ने खोलकर रख दी है। वहीं इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पुलिस का सुरक्षा व्यवस्था में छेद ही छेद हैं।
Tuesday, June 8, 2010
पत्रकारिता के नाम पर दलाली का मोटा खेल
देहरादून, 8 जून।अब तक सिपर्फ देह व्यापार का ध्ंध करने वाले दलालों की कहानी ही सुनी गयी होेगी लेकिन राजधनी दून में पत्राकारिता के नाम पर दलाली का खेल भी रोजाना खेला जा रहा है। अपने को खबरिया चैनल का पत्राकार बताने वाले कई लोग रोजाना लोगों से मोटी रकम ऐंठकर लाखों के वारे-न्यारे कर चुके हैं। इतना ही नहीं खबरों को मैनेज कराने के नाम पर भी लाखों का मोटा खेल पिछले कापफी समय से बेखौपफ होकर खेला जा रहा है। पुलिस के एक बड़े अध्किारी ने इस बात की पुष्टि नाम न छपने की शर्त पर करते हुए खुलासा किया कि कुछ खबरिया चैनल के पत्राकार मामलों को रपफादपफा कराने की एवज में कई लोगों को लाखों रूपये का चूना खबर न छपने के नाम पर लगा चुके हैं। इतना ही नहीं खबर को उनके पक्ष में छापने की एवज में भी कई लोगों से मोटा खेल खेला जा चुका है। ताजा मामला उस समय सामने देखने को आया जब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार मृत्युंजय मिश्रा को एक महिला के साथ पुलिस ने रंगरलियां मनाते हुए गिरफ्रतार किया गया। लेकिन बाद में गिरफ्रतारी के एक दिन बाद ही मृत्युंजय मिश्रा की र्ध्मपत्नी ने उसी महिला के साथ एक स्थान पर पत्राकार वार्ता आयोजित कर अपने पति पर लगे आरोपों को सिरे से खरिज कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस रात मृत्युंजय मिश्रा को पुलिस ने पकड़ा था तभी दस लाख की मोटी डील कर ली गई थी और खबर न छपने के साथ-साथ पूरी खबर को मैनेज करने की जिम्मेदारी भी एक टीवी चैनल के पत्राकार द्वारा ली गई थी। अब यह बात बड़ी तेजी से उठ रही है कि आखिर राजधनी दून में बड़े पैमाने पर रोजाना खबरों को मैनेज करने के नाम पर लाखों का मोटा खेल खेला जा रहा है। अब तक कई लोगों को यह गिरोह लाखों का चूना लगाकर कापफी ध्न अर्जित कर चुका है। लेकिन किसी भी व्यक्ति के शिकायत करने के लिए सामने न आने के चलते पुलिस भी इन लोगों पर कार्यवाही करने से कतरा रही है। राजधनी दून में पुलिस को यह भी संभावना है कि पत्राकारिता की आड़ में कई अन्य गोरखध्ंध्े को भी अंजाम दिये जा रहे हैं। कुल मिलाकर दून नगरी में पत्राकारिता के नाम पर दलाली किये जाने का गोरख ध्ंध बड़ी तेजी से पफलपफूल रहा है। बाहरी राज्यों से पत्राकारिता करने वाले कई ऐसे संदिग्ध् लोगों के खिलापफ अन्य राज्यों में मुकदमे कायम होने के बाद भी पुलिस अभी तक उनका रिकॉर्ड नहीं खंगाल सकी है। जिससे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। क्योंकि अक्सर बड़ी वारदातों में चूक की वजह वैरिपिफकेशन न होने के साथ-साथ व्यक्ति की सही पहचान न होना भी सामने आ चुकी है। दून नगरी में पत्राकारिता की आड़ में जिस तरह से दलाली का खेल खेला जा रहा है उसे लेकर अब खुद ही पत्राकार जगत के कई लोग इन लोगों से खासे परेशान हो उठे है। पूर्व में भी कई मामले इस तरह के सामने आए। जिनमें सबूत के तौर पर कुछ भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जबकि शासन स्तर के एक अध्किारी को गाड़ी के भीतर पकड़ा गया था। लेकिन जांच के दौरान कोई भी सबूत पेश नहीं हो सका।पैसे मांगने की बात उस वक्त उजागर हुई जब पत्राकार वार्ता के दौरान पूरा मामला दबाने के लिए कहा गया था। वहीं इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि मृत्युंजय मिश्रा व सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस के मालिक आदेश गुप्ता के बीच प्रिंटिंग की छपाई के दौरान विवाद चला आ रहा है। माना जा रहा है कि मृतयुंजय मिश्रा को पफंसाने के पीछे यह खेल भी हो सकता है। जबकिपुलिस की भूमिका भी पूरी तरह संदिग्ध् नजर आ रही है। अब दलाली का पैसा मांगने वाले एक टीवी चैनल के पत्राकार के खिलापफ दिल्ली कार्यालय पैसे मांगे जाने की शिकायत की गई है।
Saturday, June 5, 2010
आखिर किसकी शह पर चल रहे हैं सैक्स रैकेट
देहरादून।प्रदेश में लगातार देह-व्यापार करने वाली लड़कियों के साथ मंत्री के पीआरओ से लेकर पूर्व रजिस्ट्रार जिस तरह से फंसते हुए नजर आ रहे हैं उसने देवभूमि कही जाने वाली उत्तराखण्ड की साख को बट्टा लगाने का काम शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ते जा रहे इस तरह के घटनाक्रमों ने जहां राजनैतिक परिदृश्य के साथ-साथ पूरे वातावरण को दूषित कर डाला है वहीं आम जनता को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्रदेश में देह-व्यापार करने वाले गिरोह के बीच लोगां के फंसने से यह दलदल बढ़ती जा रही है। पूर्व की कांग्रेस सरकार के दौरान कई कांग्रेसी नेता कालगर्ल रैकेट के साथ जहां बेखौफ होकर पकड़े गये वहीं कई हाईप्रोफाइल मामले भी लगातार उजागर होते रहे। यहां तक कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी भी सैक्स स्कैंडल में इस तरह फसे कि उन्हें राज्यपाल पद भी गवाना पड़ा। अब भाजपा सरकार के दौरान बीते दिवस काबीना मंत्री बंशीधर भगत के पीआरओ का कालगर्ल रैकेट क ेसाथ पकड़ा जाना भी कई सवालों को खड़ा कर रहा है। जबकि बीती रात ही पूर्व रजिस्ट्रार मृत्युंजय मिश्रा भी अश्लील हरकत करते हुए गिरपतार किए गये। रजिस्ट्रार के पकड़े जाने की घटना ने जहां शासन स्तर से लेकर अधिकारियों तक में हड़कंप मचा डाला। वहीं यह बात भी उभरकर सामने आ गयी कि कालगर्ल रैकेटों के तार अधिकारियों से भी जुड़े हुए हैं और मौजमस्ती का यह शौक देवभूमि में बेखौफ होकर रोजाना अंजाम दिया जा रहा है। पर्दे के पीछे कई ऐसे चेहरे अभी भी बेनकाब नहीं हो पाये है जो लगातार गर्म गोश्त की दुकानों के रोजाना ग्राहक बने हुए हैं। वहीं पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि दून नगरी में बड़े पैमाने पर गर्म गोश्त की कई दुकानें बड़े अधिकारियों से लेकर कई राजनीतिक दलों की छत्र-छाया में संचालित की जा रही हैं। वहीं इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि इन दुकानों को कुछ बड़े अधिकारियों की शह पर दून में मौज मस्ती के लिए संचालित करवाया जा रहा है। अब तक दून नगरी से कई हाइप्रोफाइल सैक्स रैकेट पकड़े जा चुके हैं और पुलिस कई बाहरी लड़कियों के साथ-साथ कई लोगों को गिरपतार कर चुकी है।
कुंभ के लिए मिले 500 करोड़ में घोटाला
देहरादून। राज्य मंे श्रमिक हितों को ताक पर रखकर सरकार और उद्योगपति उनका उत्पीड़न करने पर तुले हुए हैं। जिसके चलते वह बुनियादी अधिकारों से वंिचत होते जा रहे हैं। आज यहां राजपुर रोड़ स्थित एक होटल में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए भारतीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि केंद्र की कई योजनाओं को पलीता लगाने का काम राज्य सरकार कर रही है। उनके अधिकारों का हनन बदस्तूर जारी है। पंरतुं सत्ता मे मौजूद हुक्मरानों को इससे कोई सरोकार नहीं जान पड़ता। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मजदूरों की हालत बेहद दयनीय हो चली है। प्रबधन तथा शासन मिलकर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि इंटक मजदूरों के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करने का प्रयास निरंतर करता रहेगा। श्री बिष्ट ने कहा कि राज्य में रोजगार देने के सरकारी दावे हवाई साबित हो रहे हैं। जिसके चलते बेरोजगारों के उपर रोजगार छिनने का संकट मंडराने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 56000 पद रिक्त पड़े हैं। परंतु सरकार इन्हें भरने की दिशा में कोई पहल करती नजर नहीं आती। जबकि केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को 6 अस्पताल व एक मेडिकल कालेज की स्वीकृति दी गयी है। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में करोड़ों बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान कर पलायन रोकने की सार्थक पहल की गयी है।असंगठित क्षेत्र के लगभग 30 करोड़ श्रमिकों को सामािजक सुरक्षा की गांरट प्रदान करने के लिए 1000 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गयी। निजी वह असंगठित क्षेत्र में भी गेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रूपये कर ऐतिहासिक पहल की गयी। वैश्विक मंदी के बावजूद भी केंद्र के लगभग 60 लाख कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू करने की स्वीकृति कांग्रेस की सरकार ने प्रदान की। कर्मचारियों के हितों को देखते हुए मंहगाई की मार से निजात दिलानेे के लिए 50 प्रतिशत मंहगाई भत्ते को मूल भत्ते में समाहित करने का काम किया है। जबकि पूर्व सैनिकों की लगभग 30 वर्षों से चली आ रही एक रैंक एक पेंशन की मांग को स्वीकृति प्रदान कर लाखों को लाभ प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता के हितों का ताक पर रखकर मापिफयाओं के हाथों में खेल रही है। केंद्र के लिए कुंभ के सफल आयोजन हेतु प्रदान की गयी धनराशि में बड़ा घोटाला किया गया हे। विद्युत परियोजनााओं के नि यम विरूद्व तथा अवैध बिक्री में करोड़ों रूपये का घोटाला किया गया है। वहीं स्टर्डिया कैमिकल्स फैक्ट्री के भूमि के भू परिवर्तन में करोड़ों का घोटाला सामने आया है। परंतु सरकार इसकी निष्पक्ष जांच कराने क ेबजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर विधायक जोत सिंह गुनसोला, एपी अमोली आदि उपस्थित थे।
देहराूदन। दून घाटी में अवैध खनन का धंधा चरम पर है। सरकार की मिलीभगत से खनन व्यवसायी अपने हित साधने में सफलता अर्जित कर रहे हैं। अकेले सौंग नदी से 300 ट्रक रोजना इस काम में लगे है और पूरे खेल को उच्चस्तर से संचालित किया जा रहा है। जिससे रोजाना 5 करोड़ रूपये का घालमेल देखने को मिल रहा हे। श्री बिष्ट ने कहा कि दून घाटी में खनन पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ताक पर रखने का काम किया जा रहा है जो सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है।
देहरादून। कृषि विभाग में भी भ्रष्टाचार चरम पर है। किसानों को आवंटित की जाने वाली खाद और बीज में घोटाला देखने को मिल रहा है। अकेले पौड़ी में ही विभागीय अधिकारियों तथा कर्ताधर्ताओं ने 5 करोड़ रूपये डकार लिए हैं। जिससे प्रदेश में कृषकों और कृषि की हालत सुधारने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कुंभ के लिए मिले 500 करोड़ में घोटालाजलविद्युत परियोजना में करोड़ों का घोटालास्टर्डिया कैमिकल्स के लिए भू-परिवर्तन दून मंे अवैध खनन से करोड़ों के वारे-न्यारे
देहराूदन। दून घाटी में अवैध खनन का धंधा चरम पर है। सरकार की मिलीभगत से खनन व्यवसायी अपने हित साधने में सफलता अर्जित कर रहे हैं। अकेले सौंग नदी से 300 ट्रक रोजना इस काम में लगे है और पूरे खेल को उच्चस्तर से संचालित किया जा रहा है। जिससे रोजाना 5 करोड़ रूपये का घालमेल देखने को मिल रहा हे। श्री बिष्ट ने कहा कि दून घाटी में खनन पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ताक पर रखने का काम किया जा रहा है जो सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है।
देहरादून। कृषि विभाग में भी भ्रष्टाचार चरम पर है। किसानों को आवंटित की जाने वाली खाद और बीज में घोटाला देखने को मिल रहा है। अकेले पौड़ी में ही विभागीय अधिकारियों तथा कर्ताधर्ताओं ने 5 करोड़ रूपये डकार लिए हैं। जिससे प्रदेश में कृषकों और कृषि की हालत सुधारने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कुंभ के लिए मिले 500 करोड़ में घोटालाजलविद्युत परियोजना में करोड़ों का घोटालास्टर्डिया कैमिकल्स के लिए भू-परिवर्तन दून मंे अवैध खनन से करोड़ों के वारे-न्यारे
Wednesday, June 2, 2010
DEHRADUN: 2 Jun 20101. The Army Educational Corps celebrates its 63rd anniversary on 1st June 10. On this occasion Comdt Lt Gen RS Sujlana PVSM, AVSM, VSM, complimented all ranks of AEC on the eve of Raising Day. He wished all ranks of AEC and their families the very best of times to come. The Army Educational Corps has been in the forefront of preparing our Gentlemen Cadets to adapt to the ever-changing environment. Its role in refining the knowledge base of the Human Resource has contributed positively in the professional development of the Gentlemen Cadets.2. Brig Sunil Chandra Head of Academic Department Indian Military Academy, the senior most serving AEC officer in the station addressed all Ranks of AEC and the civil staff. In his address he congratulated all the members of AEC family and emphasized continuous professional growth. He exhorted all Corps personnel to upgrade & update themselves through individuals & local initiatives to supplement the organizational efforts for war. The address was followed by light refreshment.3. A dinner was organized in evening at Officers Institute, the event was graced by retired officers of the Corps residing at Dehradun & senior officers of Indian Military Academy.
Tuesday, June 1, 2010
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देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से सोमवार को सचिवालय में नवनियुक्त मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष अजेन्द्र अजय तथा डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्री अजेन्द्र अजय तथा अनिल कुमार को उनके नये दायित्व के लिए बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवनियुक्त उपाध्यक्षों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया सलाहकार समिति और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि मीडिया सलाहकार समिति को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ पूर्णतः संवाद स्थापित कर सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है। इसके साथ ही समिति को मीडिया की समस्याओं के प्रति भी जागरूक रहना होगा। मीडिया सलाहकार समिति के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अजेन्द्र अजय तथा अनिल कुमार डब्बू ने कहा कि वे मीडिया सलाहकार समिति को उसकी अपेक्षाओं के अनुरूप और मजबूत करेंगे।
देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कर्मचारी शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महेश डोबरियाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने भेट की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री डॉ. निशंक से कर्मचारी हितो से जुडे विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की तथा लम्बित मांगों के शीघ्र समाधान का अनुरोध किया। श्री डोबरियाल ने मुख्यमंत्री से राज्य कर्मचारियों को 08 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता शीघ्र अनुमन्य करने का भी अनुरोध किया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री डॉ. निशंक को 11 बिन्दुओं का मांग पत्र भी सौपा। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों का पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सभी मांगों पर यथोचित कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने प्रतिनिधिमण्डल से राज्य के विकास में अपना सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए वचनबद्ध है और इसको देखते हुए हमने सबसे पहले छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों को राज्य में लागू किया। प्रतिनिधिमण्डल में उत्तराखण्ड कर्मचारी शिक्षक महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, ए.एन.एम. एसोशिएशन की अध्यक्ष गुड्डी मटूडा, जिला अध्यक्ष टिहरी पंचम सिंह बिष्ट तथा माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रदीप डबराल आदि उपस्थि उपस्थित थे।
देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने जनपद पौड़ी गढ़वाल तथा चमोली में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में मृत लोगों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगो की आत्माओं की शांति एवं दुःख की इस घड़़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने जिलाधिकारी पौड़ी तथा चमोली को निर्देश दिये है कि वे मृतकों के परिजनों को अनुमन्य आर्थिक सहायता तथा घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराये। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार सोमवार को दोपहर लगभग 2.15 बजे जनपद पौड़ी के अन्तर्गत एक वाहन संख्या- यू.ए.13-482, सतपुली से कोटद्वार जाते समय राजस्व क्षेत्र गुमखाल क्षेत्रांतर्गत बैर गांव के समीप गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में 3 लोगो की मृत्यु हो गई, जबकि 03 लोग घायल हो गये। एक अन्य घटना में जनपद चमोली के अन्तर्गत दोपहर लगभग 1 बजे एक महिन्द्रा जीप संख्या यू.ए.11-0021 सुयालकोट से देवाल जाते समय बोरागाड के समीप गहरी खाई मे गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में 3 लोगो की मृत्यु हो गई तथा 6 लोग घायल हो गये।
देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को सचिवालय में वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश में पानी और बिजली की नियमित आपूर्ति, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने पेयजल की गहन समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त की कि जल निगम, जल संस्थान के पास पर्याप्त धन की उपलब्धता के बावजूद भी पेयजल अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाया नहीं गया। उन्होंने इसको गंभीरता से लेते हुए तत्काल दोषी अधिकारी चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पौड़ी में जल निगम में गत 01 अप्रैल 2010 को अवशेष धनराशि 85 करोड़ 46 लाख के सापेक्ष खर्च की धीमी गति 9 करोड़ रुपये व्यय को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को जांच कर 3 दिन में संबन्धित अधिशासी अभियन्ता के प्रति कार्रवाई करने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया कि जल निगम की निर्माण ईकाई-2 तथा कोटद्वार डिविजन द्वारा धन की उपलबधता के बावजूद भी धनराशि खर्च नही की गयी। उन्होंने मुख्य महाप्रबन्धक जल संस्थान को निर्देश दिये कि स्टॉफ की भर्ती तत्काल कर ले, ताकि पेयजल आपूर्ति में स्टाफ की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष कर पेयजल तथा विद्युत अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार में यदि कोई वित्तीय या प्रशासनिक निर्णय लेना जरूरी हो, तो तीन दिन में कैबिनेट से पास करा लिया जाय, ताकि जनता को बिजली तथा पानी की समस्या से दो चार न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद की समीक्षा के दौरान समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल से समस्याग्रस्त गांव को टैंकरों, खच्चरों श्रमिकों से जहां आवश्यक हो पानी की आपूर्ति कराई जाय। अल्मोड़ा के जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 23 गांव में 46 खच्चर तथा 41 गांव में 22 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने समस्त जिलाधिकारी को दैवीय आपदा मद में 25-25 लाख रुपये तथा अल्मोड़ा जिले की पानी की विकट समस्या को देखते हुए 50 लाख रुपये धनराशि तत्काल जारी करने के निर्देश अपर सचिव पेयजल को दिए। उन्होंने पेयजल की समस्या से तुरन्त निजात दिलाने के लिए पौड़ी जनपद द्वारा संचालित मॉडल को सभी जिलाधिकारियों को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के तहत संचालित कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रातः 9 बजे से अनुश्रवण करें तथा रोज सायं काल दिन भर की समस्याओं की समीक्षा करे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पानी और बिजली की विकट समस्या से निपटने के लिए इनसे जुड़े सभी कर्मी 14 से 16 घंटे का समय दें।मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने निर्देश दिए कि वीडियों कांफें्रसिग में दिए गए निर्देशों का अनुपालन एक हफ्ते में नजर आना चहिए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 दिन में दोनों मण्डल के आयुक्त तथा जनपदीय अधिकारी गांव की ओर अभियान की रिपोर्ट भी देगें। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी या उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्बन्धित खण्डविकास अधिकारी सहित अधिकारी टीम लेकर न्याय पंचायत स्तर में जनता की समस्याओं को सुना जाय और उसका समाधान भी तत्काल किया जाय। उन्हांेन कहा कि भविष्य में किसी भी विभाग की धीमी प्रगति पर संबन्धित जिले के जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरन्तर पानी, बिजली, सड़क की प्रगति की समीक्षा करें, क्योंकि इन विभागों में राज्य जिला केन्द्र वाह्य सहायतित योजनाओं में पर्याप्त मात्रा में धन की उपलब्धता हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने मुख्य सचिव को प्रत्येक 15 दिन में पेयजल तथा विकास योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रायः जिला तथा मण्डल स्तर की समस्याऐं निस्तारित न होने के कारण जनता मिलन में अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है। उन्होंने जनपद तथा मण्डल स्तर की समस्याओं के जनता मिलन न आने की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने कहा कि जिन-जिन विभागों में जिला योजना में धन जारी नहीं हुआ है, ऐसे मामलों में जिला अधिकारी एवं सम्बन्धित विभागाध्यक्षों तथा सचिवों से धन जारी कराये, ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण में किसी भी स्तर से देरी होती है तो उनके संज्ञान में लाया जाय। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ मिशन की समीक्षा करते हुए धन का उपयोग न करने वाले मुख्य चिकित्साधिकारियों के विरूद्ध सचिव स्वास्थ्य डॉ. उमाकान्त को कार्रवाई के निर्देश दिए तथा चारधाम यात्रा में यातायात, शौचालय अवस्थापना सुविधा बढ़ाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए पडोसी राज्य हिमांचल से बस आपूर्ति करने की स्वीकृति भी दी तथा अस्थाई शौचालयों की कमी को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ नारायण सिहं नेगी को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए तथा नाभिढांग से लपुलेख में हो रही बर्फबारी से रास्ता साफ रखने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव एन.एस.नपलच्याल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुभाष कुमार, डी.के.कोटिया, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा राकेश शर्मा, सचिव कृषि डॉ. रणबीर सिंह, सचिव वित्त राधा रतूड़ी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. उमाकांत पंवार, सचिव श्रम दिलबाग सिंह, आयुक्त गढ़वाल अजय सिंह नबियाल, आयुक्त कुमायूं कुणाल शर्मा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
देहरादून, 31 मई, 2010 उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी एके त्यागी ने बताया कि 1 जून 2010 को सोलर तापीय ऊर्जा दोहन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उदघाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक तथा केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ फारूख अब्दुल्ला करेंगे। श्री त्यागी ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री अब्दुल्ला पेट्रोलियम विश्वविद्यालय में स्थापित 100 किलोवाट के सोलर पावर प्लांट का भी उद्घटन करेंगे।केंद्रीय मंत्री प्रातः मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के साथ राज्य में संचालित वैकल्पिक ऊर्जा कार्यक्रमों के संबंध में भी वार्ता करेगे। उन्होंने बताया कि होटल पैसिफिक में सोलर तापीय ऊर्जा दोहन कार्यशाला एवं सोलर थर्मल पर प्रर्दशनी आयोजित की जाएगी। कार्यशाला और प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों एवं फर्मों के प्रतिनिधि, होटल, उद्योग, विकास प्राधिकरण, नगर निगम आदि के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। कार्यशाला स्थल पर तापीय उपयोग के लिए सौर ऊर्जा के विभिन्न उपकरणों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कर्मचारी शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महेश डोबरियाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने भेट की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री डॉ. निशंक से कर्मचारी हितो से जुडे विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की तथा लम्बित मांगों के शीघ्र समाधान का अनुरोध किया। श्री डोबरियाल ने मुख्यमंत्री से राज्य कर्मचारियों को 08 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता शीघ्र अनुमन्य करने का भी अनुरोध किया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री डॉ. निशंक को 11 बिन्दुओं का मांग पत्र भी सौपा। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों का पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सभी मांगों पर यथोचित कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने प्रतिनिधिमण्डल से राज्य के विकास में अपना सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए वचनबद्ध है और इसको देखते हुए हमने सबसे पहले छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों को राज्य में लागू किया। प्रतिनिधिमण्डल में उत्तराखण्ड कर्मचारी शिक्षक महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, ए.एन.एम. एसोशिएशन की अध्यक्ष गुड्डी मटूडा, जिला अध्यक्ष टिहरी पंचम सिंह बिष्ट तथा माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रदीप डबराल आदि उपस्थि उपस्थित थे।
देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने जनपद पौड़ी गढ़वाल तथा चमोली में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में मृत लोगों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगो की आत्माओं की शांति एवं दुःख की इस घड़़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने जिलाधिकारी पौड़ी तथा चमोली को निर्देश दिये है कि वे मृतकों के परिजनों को अनुमन्य आर्थिक सहायता तथा घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराये। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार सोमवार को दोपहर लगभग 2.15 बजे जनपद पौड़ी के अन्तर्गत एक वाहन संख्या- यू.ए.13-482, सतपुली से कोटद्वार जाते समय राजस्व क्षेत्र गुमखाल क्षेत्रांतर्गत बैर गांव के समीप गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में 3 लोगो की मृत्यु हो गई, जबकि 03 लोग घायल हो गये। एक अन्य घटना में जनपद चमोली के अन्तर्गत दोपहर लगभग 1 बजे एक महिन्द्रा जीप संख्या यू.ए.11-0021 सुयालकोट से देवाल जाते समय बोरागाड के समीप गहरी खाई मे गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में 3 लोगो की मृत्यु हो गई तथा 6 लोग घायल हो गये।
देहरादून, 31 मई, 2010 मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को सचिवालय में वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश में पानी और बिजली की नियमित आपूर्ति, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने पेयजल की गहन समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त की कि जल निगम, जल संस्थान के पास पर्याप्त धन की उपलब्धता के बावजूद भी पेयजल अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाया नहीं गया। उन्होंने इसको गंभीरता से लेते हुए तत्काल दोषी अधिकारी चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पौड़ी में जल निगम में गत 01 अप्रैल 2010 को अवशेष धनराशि 85 करोड़ 46 लाख के सापेक्ष खर्च की धीमी गति 9 करोड़ रुपये व्यय को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को जांच कर 3 दिन में संबन्धित अधिशासी अभियन्ता के प्रति कार्रवाई करने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया कि जल निगम की निर्माण ईकाई-2 तथा कोटद्वार डिविजन द्वारा धन की उपलबधता के बावजूद भी धनराशि खर्च नही की गयी। उन्होंने मुख्य महाप्रबन्धक जल संस्थान को निर्देश दिये कि स्टॉफ की भर्ती तत्काल कर ले, ताकि पेयजल आपूर्ति में स्टाफ की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष कर पेयजल तथा विद्युत अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार में यदि कोई वित्तीय या प्रशासनिक निर्णय लेना जरूरी हो, तो तीन दिन में कैबिनेट से पास करा लिया जाय, ताकि जनता को बिजली तथा पानी की समस्या से दो चार न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद की समीक्षा के दौरान समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल से समस्याग्रस्त गांव को टैंकरों, खच्चरों श्रमिकों से जहां आवश्यक हो पानी की आपूर्ति कराई जाय। अल्मोड़ा के जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 23 गांव में 46 खच्चर तथा 41 गांव में 22 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने समस्त जिलाधिकारी को दैवीय आपदा मद में 25-25 लाख रुपये तथा अल्मोड़ा जिले की पानी की विकट समस्या को देखते हुए 50 लाख रुपये धनराशि तत्काल जारी करने के निर्देश अपर सचिव पेयजल को दिए। उन्होंने पेयजल की समस्या से तुरन्त निजात दिलाने के लिए पौड़ी जनपद द्वारा संचालित मॉडल को सभी जिलाधिकारियों को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के तहत संचालित कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रातः 9 बजे से अनुश्रवण करें तथा रोज सायं काल दिन भर की समस्याओं की समीक्षा करे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पानी और बिजली की विकट समस्या से निपटने के लिए इनसे जुड़े सभी कर्मी 14 से 16 घंटे का समय दें।मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने निर्देश दिए कि वीडियों कांफें्रसिग में दिए गए निर्देशों का अनुपालन एक हफ्ते में नजर आना चहिए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 दिन में दोनों मण्डल के आयुक्त तथा जनपदीय अधिकारी गांव की ओर अभियान की रिपोर्ट भी देगें। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी या उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्बन्धित खण्डविकास अधिकारी सहित अधिकारी टीम लेकर न्याय पंचायत स्तर में जनता की समस्याओं को सुना जाय और उसका समाधान भी तत्काल किया जाय। उन्हांेन कहा कि भविष्य में किसी भी विभाग की धीमी प्रगति पर संबन्धित जिले के जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरन्तर पानी, बिजली, सड़क की प्रगति की समीक्षा करें, क्योंकि इन विभागों में राज्य जिला केन्द्र वाह्य सहायतित योजनाओं में पर्याप्त मात्रा में धन की उपलब्धता हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने मुख्य सचिव को प्रत्येक 15 दिन में पेयजल तथा विकास योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रायः जिला तथा मण्डल स्तर की समस्याऐं निस्तारित न होने के कारण जनता मिलन में अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है। उन्होंने जनपद तथा मण्डल स्तर की समस्याओं के जनता मिलन न आने की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने कहा कि जिन-जिन विभागों में जिला योजना में धन जारी नहीं हुआ है, ऐसे मामलों में जिला अधिकारी एवं सम्बन्धित विभागाध्यक्षों तथा सचिवों से धन जारी कराये, ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण में किसी भी स्तर से देरी होती है तो उनके संज्ञान में लाया जाय। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ मिशन की समीक्षा करते हुए धन का उपयोग न करने वाले मुख्य चिकित्साधिकारियों के विरूद्ध सचिव स्वास्थ्य डॉ. उमाकान्त को कार्रवाई के निर्देश दिए तथा चारधाम यात्रा में यातायात, शौचालय अवस्थापना सुविधा बढ़ाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए पडोसी राज्य हिमांचल से बस आपूर्ति करने की स्वीकृति भी दी तथा अस्थाई शौचालयों की कमी को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ नारायण सिहं नेगी को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए तथा नाभिढांग से लपुलेख में हो रही बर्फबारी से रास्ता साफ रखने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव एन.एस.नपलच्याल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुभाष कुमार, डी.के.कोटिया, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा राकेश शर्मा, सचिव कृषि डॉ. रणबीर सिंह, सचिव वित्त राधा रतूड़ी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. उमाकांत पंवार, सचिव श्रम दिलबाग सिंह, आयुक्त गढ़वाल अजय सिंह नबियाल, आयुक्त कुमायूं कुणाल शर्मा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
देहरादून, 31 मई, 2010 उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी एके त्यागी ने बताया कि 1 जून 2010 को सोलर तापीय ऊर्जा दोहन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उदघाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक तथा केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ फारूख अब्दुल्ला करेंगे। श्री त्यागी ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री अब्दुल्ला पेट्रोलियम विश्वविद्यालय में स्थापित 100 किलोवाट के सोलर पावर प्लांट का भी उद्घटन करेंगे।केंद्रीय मंत्री प्रातः मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के साथ राज्य में संचालित वैकल्पिक ऊर्जा कार्यक्रमों के संबंध में भी वार्ता करेगे। उन्होंने बताया कि होटल पैसिफिक में सोलर तापीय ऊर्जा दोहन कार्यशाला एवं सोलर थर्मल पर प्रर्दशनी आयोजित की जाएगी। कार्यशाला और प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों एवं फर्मों के प्रतिनिधि, होटल, उद्योग, विकास प्राधिकरण, नगर निगम आदि के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। कार्यशाला स्थल पर तापीय उपयोग के लिए सौर ऊर्जा के विभिन्न उपकरणों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
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