Friday, September 5, 2008

14 की उम्र में ब्रिटनी ने किया था सैक्स


लॉस एंजिलस.पॉप गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स ने 13 साल की उम्र में शराब पीना शुरू कर दिया था, 14 की उम्र में पहली बार अपने ब्वॉयफ्रैंड के साथ सैक्स किया और 15 की उम्र में वह ड्रग्स लेने लग गई थी।
यह कहना है ब्रिटनी की मां लिन स्पीयर्स का। लिन की किताब ‘थ्रू द स्टॉर्म’ की रिलीज से पहले हुए इस खुलासे से उनकी किताब की जबरदस्त बिक्री होने की उम्मीद तो है ही लेकिन इससे मां-बेटी के बीच दूरियां बढ़ जाएंगी, इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अपनी बेटी को नियंत्रण में नहीं रख परई लिन लिन ने बताया कहा कि उन्हें बेहद अफसोस है कि वह अपनी बेटी को नियंत्रण में नहीं रख परई और उसकी बागडोर मैनेजर के हाथों में सौंप दी, नतीजतन एक गंदे वीडियो के जरिए दूसरों ने उसे नाजुक उम्र में ही सैक्सभोग की वस्तु बना दिया।
फुटबॉलर ब्वॉयफ्रैंड के साथ पहली बार सैक्स
उन्होंने बताया कि मिकी माउस क्लब छोड़ने के बाद ब्रिटनी ने केंटवुड के स्कूल में पढ़ाई की और इसी दौरान अपने फुटबॉलर ब्वॉयफ्रैंड के साथ पहली बार सैक्स किया।
उम्र के साथ बढ़ने लगी अय्याशियां :
इसके बाद जैसे-जैसे उसका करियर आगे बढ़ता गया, वैसे वैसे अय्याशियां भी बढ़ने लगीं। 16 साल की उम्र में उसकी मां ने उसे ब्वॉयफ्रैंड जस्टिन टिंबरलेक से यह सोचकर सैक्स करने की अनुमति दे दी कि जस्टिन से सच्च प्यार करती है लेकिन ऐसा कुछ नहीं था।
उस समय तो जस्टिन को यह पता नहीं था कि ब्रिटनी इससे पहले किसी और के साथ सैक्स कर चुकी है या नहीं। उसी दौरान ब्रिटनी को एक प्राइवेट जैट में कोकीन के साथ पकड़ा गया। कच्ची उम्र की ब्रिटनी तब शायद यह नहीं जानती थी कि मौज-मस्ती के चक्कर में वह अपनी जिंदगी को बर्बादी की डगर पर ला रही है।
बचपन में ठीक ढंग से नहीं हुई देखभाल
लिन का मानना है कि ब्रिटनी की वर्तमान समस्याएं बचपन में ठीक ढंग से उसकी देखभाल न हो पाने के कारण पैदा हुई है। लीन ने किताब में इस बात पर दुख जताया है कि ब्रिटनी पर उनका कंट्रोल नहीं रहा। लीन ने लिखा है, ‘मेरी बेटी बहुत जल्द बड़ी हो गई। उसकी हालिया परेशानी के पीछे भी सबकुछ जल्दी हासिल कर लेना ही रहा है।’ लीन की यह किताब 16 सितंबर को रिलीज होगी।संभार भास्कर

डेरामुखी की हत्या करना चाहते थे आतंकी


जालंधर.डेरा सच्च सौदा के मुखी बाबा गुरमीत राम रहीम की हत्या का ताना बाना बुनने वाले खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो पूर्व कुख्यात आतंकी सीआईए स्टाफ की गिरफ्त में आ गए हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से पाकिस्तान से भेजी गई एके 47 व खतरनाक हथियार बरामद किए हैं।
इनमें से एक का नाम डीसी निवासी बिजलीवाल (बटाला) और दूसरे का नाम बिंदर निवासी पिंड मान (मुक्तसर) बताए जा रहे हैं।
पूछताछ प्रक्रिया में डीसी व बिंदर ने कहा कि वह दोनों मिलकर बाबा राम रहीम की हत्या करना चाहते थे,लेकिन अपने मकसद में सफल होने से पहले ही पकड़े गए। सीआईए स्टाफ के इंचार्ज अंग्रेज सिंह ने अपनी टीम के साथ अन्य आतंकियों को पकड़ने के लिए माझा में छापेमारी की है।
हाथ आई इतनी बड़ी सफलता को लेकर सीनियर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि आईजी (जोनल) संजीव कालड़ा ने यह माना है कि जालंधर में आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के होने की सूचना मिली है और पुलिस उन्हे पकड़ने के लिए आपरेशन चला रही है।
.. तो कोई और मार देगा
आतंकी डीसी और बिंदर से उच्च स्तरीय टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ में वह बार-बार यही कह रहे है कि तो क्या हुआ हम बाबा राम रहीम को मार न सके , इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उनके संगठन से जुड़े साथी बाबा को मारने में सफल हो जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने कुछ प्रमुख लोगों को मारने की बात भी कही। गौरतलब है कि पाक में शरण लेकर बैठे आंतकी संगठन के आकाओं की हिट लिस्ट में बाबा राम रहीम का नाम है।
जालंधर में आंतकी, एफआरआई दर्ज
थाना जालंधर छावनी में वीरवार को गुप्त सूचना पर जालंधर में आंतकी होने संबंधी एफआरआई दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने कहा कि कुछ आंतकी बड़ी आतंकी वारदात की फिराक में शहर में आए हैं और वह छुपने के लिए ठिकाना ढूंढ रहे हैं। उनके पास घातक हथियार भी बताए गए हैं। इनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा-25 के तहत केस दर्ज किया गया है।
जेल में रची थी साजिश
आंतकी डीसी और बिंदर कुछ समय पहले ही हत्या के केस में जमानत पर आए थे। उन्हे जेल में ही बाबा राम रहीम को मारने के लिए तैयार किया गया था। सरहद पार से योजना के तहत हथियार भेजे गए। जमानत पर छूटने के बाद वह और उनके साथी बताई गई जगह से हथियार निकाल कर ले आए थे। वह मौके की तलाश में थे। डीसी और बिंदर आंतकबाद के काले दौर में केसीएफ से जुड़ गए थे। उन पर लगभग 8 केस दर्ज हुए थे। वह फिरोजपुर व अमृतसर जेल में रहे हैं।संभार भास्कर

असफल एकता कपूर


धारावाहिक की स्क्रिप्ट पर काम शुरु हो गया है और यह दीवाली के आसपास प्रसारित होगा। उल्लेखनीय है कि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से एकता ने देश के साथ ही विदेशों में भी सफलता के झंडे गाड़े थे।
उसके बाद एकता ने जो भी काम हाथ में लिया, उन्हें कामयाबी मिलती गई। सफलता के मद में एकता ने एक के बाद एक शो बनाने शुरू किए और फिर वहीं हुआ, जो मास प्रोडक्ट बनाने से होता है। एकता लगातार असफल होती गईं।
स्मृति इरानी द्वारा तुलसी का किरदार छोड़ने के बाद एकता ने दूसरी तुलसी खड़ी की, जो असफल साबित हुई। एकता ने फिर स्मृति से सुलह कर ली और उन्हें फिर से तुलसी बनाया, लेकिन रबर की तरह खिंचते जा रहे ‘क्योंकि’ में इस बार वे भी असफल रहीं।
एकता ‘हम पांच’ सीरियल को नए सिरे से लेकर आईं, लेकिन यह पूरी तरह नाकाम रहा। उसके बाद एकता ने जोर-शोर से अपने पहले रियालिटी शो की घोषणा की, जो फुस्स साबित हुआ। ‘कौन जीते बॉलीवुड का टिकट’ शो के बारे में लोगों को ज्यादा कुछ पता नहीं है। इसके बाद एकता ने ‘महाभारत’ की शुरुआत की, लेकिन यह पहले एपिसोड से ही विवाद में रहा।
एकता ने इसे अपनी स्टाइल में भव्य बनाने की कोशिश की, लेकिन इसकी टीआरपी बढ़ ही नहीं रही है। सूत्र ने बताया कि लगातार मिल रही असफलता से एकता परेशान हैं और अब वे फिर से सास-बहू के चक्कर में आ रही हैं। बालाजी की तरफ से जल्द ही सास-बहू पर आधारित एक धारावाहिक बनाया जाने वाला है। फिलहाल धारावाहिक के स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है।संभार भास्कर

'विहिप को अस्थि यात्रा नहीं निकालने देंगे'


'विहिप को अस्थि यात्रा नहीं निकालने देंगे'

उड़ीसा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को राहत शिविरों की पुख़्ता सुरक्षा का भरोसा दिलाया है
उड़ीसा की नवीन पटनायक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वह विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता प्रवीण तोगड़िया को अस्थि यात्रा का आयोजन नहीं करने देगी.
उड़ीसा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा कि कंधमाल के दंगा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं.
उड़ीसा सरकार ने उनकी सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम के लिए केंद्र सरकार से सुरक्षा बलों की चार और बटालियनों की माँग की है.
सुप्रीम कोर्ट को उड़ीसा सरकार ने बताया कि हिंसा प्रभावित पूरे इलाक़े में धारा-144 लागू है.
एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में उड़ीसा सरकार ने ये आश्वासन दिए हैं.
अदालत की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय खंडपीठ ने उड़ीसा सरकार के इस आश्वासन को दर्ज करते हुए उम्मीद जताई कि दंगा प्रभावित इलाक़ों और राहत शिविरों की सुरक्षा के समुचित उपाए किए जाएँगे.
अदालत अब इस मामले में अगली सुनवाई अब नौ सितंबर को करेगी.
याचिका दायर करने वाले कटक के आर्चबिशप रायफ़ेल चीनाथ के वकील चाहते थे कि विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया को अस्थिकलश यात्रा निकालने की अनुमति न दी जाए.
दंगा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं. उनके पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के लिए उसे केंद्र सरकार से सुरक्षा बलों की चार और बटालियनें चाहिए

उड़ीसा सरकार
विश्व हिंदू परिषद ने घोषणा की है कि वह सात सितंबर से पूरे उड़ीसा में अस्थिकलश यात्रा निकालेगी.
कटक के आर्चबिशप रायफ़ेल चीनाथ ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर प्रवीन तोगड़िया की अस्थि यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और दंगा प्रभावित परिवारों की समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने की माँग की थी.
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा सरकार को एक नोटिस जारी कर पूछा था कि प्रवीन तोगड़िया को अस्थिकलश यात्रा निकालने की अनुमति कैसे दी गई और दंगा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा सरकार से चौबीस घंटे के भीतर अपना जवाब दाख़िल करने को कहा था.
हिंसा
उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में 23 अगस्त को अज्ञात लोगों ने एक आश्रम पर हमला कर दिया था. इसमें विश्व हिंदू परिषद के नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती समते पाँच लोगों की मौत हो गई थी.
इस हमले के बाद कंधमाल ज़िले के साथ-साथ कई ज़िलों में हिंसा भड़क उठी थी. जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी. इसमें ईसाइयों और उनके पूजा घरों को निशाना बनाया गया.
जिसके बाद से हज़ारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं.
इस हिंसा की गूंज दुनिया भर में सुनाई पड़ी थी और कैथोलिक ईसाइयों के सबसे बड़े धार्मिक नेता पोप ने भी इस पर चिंता ज़ाहिर की थी.
बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित कंधमाल ज़िले का दौरा कर स्थिति का जायज़ा लिया था.
संभार बीबीसी

पाकिस्तान ने अमरीका की आलोचना की

पाकिस्तान ने अमरीका की आलोचना की

अमरीकी सेना का कहना है कि उसे हमले की जानकारी नहीं है
पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीं से अपने इलाक़े में किए गए हमले के लिए अमरीका की आलोचना की है. इसमें 15 गाँव वाले मारे गए थे.
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला दक्षिणी वज़ीरिस्तान के एक गाँव में हुआ.
अगर इसकी स्वतंत्र पुष्टि होती है तो यह पाकिस्तानी इलाक़े में विदेशी सैनिकों की पहली ज़मीनी कार्रवाई होगी.
गुरुवार को उत्तरी वज़ीरिस्तान में भी अमरीकी सैनिकों ने मिसाइल से हमला किया जिनमें पाँच लोग मारे गए.
पाकिस्तान का कहना है कि इस तरह के हमले उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है.
दूसरी ओर अमरीकी और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) की सेना का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं है.
कमांडो कार्रवाई
हालाँकि ग़ैर आधिकारिक रुप से अमरीकी सेना के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि अमरीकी कमांडो ने बुधवार को पाकिस्तानी सीमा में अल क़ायदा के संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की.
उनके मुताबिक इससे सीमापार चरमपंथी गतिविधियों को क़ाबू करने में इस क़दम से ठोस संकेत जाएंगे.
गुरुवार को हुआ हमला मीरानशाह के मोहम्मद खेल गाँव में हुआ. एक प्रत्यक्षदर्शी ने रॉयटर्स को बताया कि पायलट रहित विमान ने एक घर पर तीन मिसाइल दागे.
वहीं बुधवार को जो कार्रवाई हुई उसमें अमरीकी कमांडो को हेलिकॉप्टर से उतारा गया.
इस कार्रवाई में ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई गईं और बम दागे गए. कुछ अधिकारियों के मुताबिक इसमें बीस लोग मारे गए हैं.संभार बीबीसी हिन्दी कॉम

Tuesday, September 2, 2008

ज़वाहिरी ने पाकिस्तानी सैनिकों को छकाया

ओसामा के बाद अल क़ायदा के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं अयमन अल ज़वाहिरी
अल क़ायदा के दूसरे सबसे बड़े नेता अयमन अल ज़वाहिरी को पकड़ने का अवसर पाकिस्तान की फ़ौज के हाथ से निकल गया है.
गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने कहा कि अफ़गानिस्तान की सीमा से सटे मोहमंद कबायली इलाक़े में एक स्थान पर ज़वाहिरी की पत्नी को देखा गया. इसके बाद सैनिकों ने वहाँ धावा बोला.
लेकिन जब पाकिस्तानी सैनिक वहाँ पहुँचे तो ज़वाहिरी दंपत्ति का कहीं अता-पता नहीं था.
पाकिस्तान और अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि देश का कबायली इलाका इस्लामी चरमपंथियों की शरणस्थली है.
हाल के सप्ताहों में पाकिस्तानी सैनिकों ने मोहमंद और बाजौड़ कबायली ज़िलों में चरमपंथियों के ठिकानों पर कई बार कार्रवाइयाँ की हैं.
ये दोनों ज़िले अफ़गानिस्तान के कुनड़ प्रांत के एकदम नज़दीक स्थित हैं. समझा जाता है कि ये ज़िले अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन, अयमन अल ज़वाहिरी समेत अन्य लड़ाकों के छुपने का सर्वाधिक संभावित स्थान है.
नज़दीकी संबंध
राजधानी इस्लामाबाद में मलिक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, '' हमने एक स्थान पर उसे (ज़वाहिरी) खोज निकाला था, लेकिन हमनें अवसर गवां दिया. ''
उन्होंने कहा, '' वह मोहमंद में आता जाता है. कभी कभी कुनड़ और अधिकतर पक़्तिया में आता है. ''
मलिक ने यह नहीं बताया ज़वाहिरी की पत्नी को किस दिन देखा गया था.
गृह मंत्रालय के प्रमुख मलिक ने यह भी कहा कि आतंकवादी समूहों साझा सगंठन तहरीक-ए-तालेबान पाकिस्तान (टीटीपी) संगठन, ''अल कायदा का विस्तार है.''
मलिक ने कहा,'' हमारे पास कुछ ऐसे प्रमाण हैं कि अल क़ायदा और टीटीपी में नजदीकी संबंध और समानताएं हैं। संभार बीबीसी हिन्दी कॉम
उन्होंने कहा, '' टीटीपी अलक़ायदा की मेज़बानी करता है और वह उनका मुखपत्र है. ''
ज़वाहिरी मिस्र के नागरिक हैं और पेशे से डॉक्टर रहे हैं. उन्हें ओसामा बिन लादेन का सबसे निकट सहयोगी माना जाता है.
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका पर 11 सितंबर वर्ष 2001 में हुए हमले के पीछे ज़वाहिरी की योजना थी.
अमरीकी सरकार ने वर्ष 2001 में जिन 22 '' मोस्ट वांटेड '' आतंकवादियों की सूची जारी की थी, उसमें ज़वाहिरी का दूसरा स्थान है और उसके सिर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम भी है.
ज़वाहिरी को अंतिम बार अक्तूबर वर्ष 2001 में पूर्वी अफ़गान कस्बे ख़ोस्त में देखा गया था.
जनवरी वर्ष 2006 में अफ़गानिस्तान की सीमा से सटे पाकिस्तान के इलाके में एक अमेरिकी मिसाइल हमले में ज़वाहिरी सुरक्षित बच निकला था जबकि अल क़ायदा के चार अन्य लड़ाके मारे गए थे.

सारा पेलिन की बेटी गर्भवती

सारा पेलिन की बेटी गर्भवती

पेलिन परिवार ने बेटी को पूरा समर्थन देने की घोषणा की है
अमरीका के अलास्का प्रांत की गवर्नर और रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार सारा पेलिन ने माना है कि उनकी 17 साल की बेटी गर्भवती हैं.
उन्होंने कहा है कि उनकी बेटी ब्रिस्टल इस बच्चे को जन्म देंगी और बच्चे के पिता से शादी भी करेंगीं.
सारा पेलिन सामाजिक रुढ़िवादी हैं और उन्होंने गर्भपात का विरोध किया है.
पाँच बच्चों की माँ सारा पेलिन को चार दिन पहले ही रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने अपना रनिंग मेट घोषित किया था.
और यह ख़बर ऐसे समय में आई जब रिपब्लिकन पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन में मैक्केन और पालिन की उम्मीदवारी को औपचारिक रुप से स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी.
जॉन मैक्केन और सारा पालिन ने इस मामले को उनकी बेटी और उनके मित्र का निजी मामला बताया है.
बेटी को समर्थन
ख़बर आई थी कि ब्रिस्टल को पाँच महीने का गर्भ है और दिसंबर के अंत में वो बच्चे को जन्म देंगीं.
इस ख़बर के बाद सारा पेलिन और उनके पति टॉड ने एक बयान में कहा, "ब्रिस्टल और वह नवयुवक जिससे वह शादी करने वाली है, बहुत जल्दी ही समझ जाएँगे कि बच्चे को बड़ा करना कितना कठिन काम है, इसलिए उनके साथ पूरे परिवार का समर्थन है."
प्रतिक्रिया
मैं समझता हूँ कि यह हमारी राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए. गवर्नर के रुप में सारा पालिन के प्रदर्शन और उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रुप में उनसे उम्मीदों का इस विषय से कोई लेना-देना नहीं हैं

बराक ओबामा
उधर जॉन मैक्केन के सलाहकारों ने कहा है कि जब सारा पेलिन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया तो वे उनकी बेटी के गर्भवती होने के बारे में जानते थे.
मैक्केन के प्रवक्ता स्टीव शिम्ड ने कहा है, "सीनेटक मैक्केन इसे एक निजी पारिवारिक मामला मानते हैं."
डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा से जब इस ख़बर पर टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी ख़बरों से दूर रहना चाहिए.
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि यह हमारी राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए. गवर्नर के रुप में सारा पालिन के प्रदर्शन और उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रुप में उनसे उम्मीदों का इस विषय से कोई लेना-देना नहीं हैं."
जब ब्रिस्टल के बारे में यह ख़बर आई तो इसके बाद इंटरनेट पर एक ब्लॉग में यहाँ तक लिख दिया गया था कि पालिन का सबसे छोटा बच्चा ट्रिग दरअसल ब्रिस्टल का बच्चा है.
इससे पहले यह ख़बर भी आई थी कि सारा पालिन के पति 1986 में नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए थे.
बीबीसी के संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि रिपब्लिनक सम्मेलन में यह चर्चा का विषय ज़रुर रहा लेकिन इससे सारा पालिन की छवि पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
संभार बीबीसी हिन्दी कॉम